🪖 क्यों जवानों को ड्यूटी में सोने पर अदृश्य थप्पड़ पड़ता है? – हरभजन बाबा की कहानी

क्यों जवानों को ड्यूटी पर सोने पर थप्पड़ लगता है?
हरभजन बाबा की रहस्यमयी कहानी

अक्सर जवान बताते हैं कि जब कोई ड्यूटी के समय नींद में चूक करता है, तो अचानक उसे ऐसा लगता है जैसे किसी ने थप्पड़ मारा हो। जवान मानते हैं कि यह किसी सीनियर का नहीं बल्कि हरभजन बाबा की चेतावनी है।

हरभजन बाबा कौन थे?

हरभजन सिंह भारतीय सेना की 23वीं पंजाब रेजिमेंट में सेवारत थे। 1968 में नाथुला पास (सिक्किम) पर तैनाती के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन उनकी कहानी यहीं समाप्त नहीं हुई। कहा जाता है कि उनकी आत्मा आज भी सीमा पर जवानों को सतर्क करती है।

क्यों लगता है थप्पड़?

जवानों का अनुभव है कि जब कोई ड्यूटी पर सोता है, तो अचानक एक जोरदार झटका या थप्पड़ महसूस होता है। उस समय आसपास कोई नहीं होता। यह घटना आज भी हरभजन बाबा की चेतावनी मानी जाती है।

“हरभजन बाबा आज भी जवानों को सतर्क रखते हैं। नींद या ढिलाई करने वाले को बाबा खुद जगाते हैं।”

नाथुला में हरभजन बाबा का मंदिर

सिक्किम के नाथुला पास पर हरभजन बाबा का मंदिर स्थित है। यहां रोज़ जवान श्रद्धा से जाते हैं और बाबा के नाम पर परेड करते हैं। कहा जाता है कि बाबा की आत्मा अब भी वहां जवानों की रक्षा करती है।

जवानों के अनुभव

कई जवान बताते हैं कि उन्होंने आवाज़ें सुनीं, कंधे पर हाथ महसूस किया या अचानक किसी ने जगाया—लेकिन आसपास कोई नहीं था। ये अनुभव हरभजन बाबा की मौजूदगी को और मजबूत करते हैं।

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निष्कर्ष

हरभजन बाबा की रहस्यमयी कहानी हमें यह सिखाती है कि अनुशासन और आस्था ही सेना की असली ताकत हैं। थप्पड़ की यह घटना जवानों के लिए याद दिलाने वाला संकेत है कि ड्यूटी पर हमेशा जागरूक रहना चाहिए।

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